Thursday, August 8, 2013

HPTET : CM asks JBT teachers to appear for TET


HPTET : CM asks JBT teachers to appear for TET

इलाहबाद हाई कोर्ट के निर्णय की गूँज हिमाचल प्रदेश में  -

As per Allahabad Highcourt judgement , HP CM asked JBT Teacher to appear in TET Exam -



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Himachal Pradesh chief minister Virbhadra Singh reportedly asked the education department to allow the junior basic trained (JBT) teachers of the 2011-13 batch to appear in the teacher eligibility test (TET) in view of a recent judgment of the Allahabad high court.

This was stated by Vijay Kumar Heer, the state president of Himachal Kranti Manch here on Wednesday. Heer said he had taken up the issue with the chief minister and, accordingly, the CM gave the direction to the education department. He demanded from the education department to give decision with immediate effect. Heer said the high court had allowed a number of NCTE candidates to appear in the TET in Utter Pradesh.

The TET would be held on August 11 and a final announcement in the wake of the recent order of the chief minister was expected before that.


News Sabhaar : hindustantimes.com (7.8.13)

Saturday, March 2, 2013

HPTET : सरकार ने रखी शर्त, हजारों टीचर्स को भी देनी होगी 'परीक्षा' 


HPTET : सरकार ने रखी शर्त, हजारों टीचर्स को भी देनी होगी 'परीक्षा'

शिमला। प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में सेवाएं दे रहे 3482 प्राथमिक सहायक अध्यापकों (पैट) के नियमितिकरण पर तलवार लटक गई है। नए भर्ती-पदोन्नति नियमों के अनुसार अब इन्हें टीचर्स एलिजीबिलिटी टेस्ट (टीईटी) पास करना होगा। इन्हें प्रशिक्षण देने का काम पूरा हो चुका है। 

प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक एचआर शर्मा के अनुसार आरटीई एक्ट के अनुसार टीईटी परीक्षा पास करना जरूरी है। यह शर्त पैट पर भी लागू होगी। केंद्रीय कानून होने के कारण प्रदेश स्तर पर इसमें संशोधन नहीं किया जा सकता। यदि केंद्रीय मंत्रालय नियमों में छूट दे, तो पैट शिक्षकों को राहत मिल सकती है।

इसी माह पूरा किया था 52 दिन का प्रशिक्षण

सरकार ने पैट शिक्षकों को 52 दिन का प्रशिक्षण दिया है। यह प्रशिक्षण इसी माह पूरा हुआ है। इससे पैट शिक्षकों को जेबीटी के पद पर तैनाती दी जा सकती है। हालांकि, नए नियमों के शिक्षकों को अब टीईटी परीक्षा को पास करना होगा।

आरटीई एक्ट से परेशानी

आरटीई एक्ट के अमल में आने से अब शिक्षकों को टीईटी परीक्षा पास करनी होगी। यह परीक्षा पैट शिक्षकों को भी देनी होगी। पैट को इससे तभी छूट मिल सकती है, जब प्रदेश सरकार इस मामले को केंद्रीय मंत्रालय से छूट दिलाए।

शिक्षक संघ नाराज, महाधिवेशन में उठाया जाएगा मुद्दा

हिमाचल प्रदेश प्राथमिक सहायक संघ के अध्यक्ष सुनील चौहान के अनुसार शिक्षक 52 दिन की ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं। पूर्व सरकार ने 1400 शिक्षकों को तो नियमित किया था, लेकिन कांग्रेस शासनकाल में लगे 3482 शिक्षकों को इससे अलग रखा गया। जब उनकी भर्ती हुई थी, तो उस समय आरएंडपी रूल अलग थे। ऐसे में उन पर टीईटी की शर्त लागू नहीं होती। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने उनको नियमित करने का आश्वासन दिया है, जिसके लिए संघ जल्द महाधिवेशन का आयोजन करेगा



News Source : भास्कर न्यूज ( Mar 02, 2013, 05:11AM IST)
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After all to make quality in Teachers, Himachal Govt. make TET Qualifications mandatory to get PROMOTION.

However many employee may oppose it due to the fact that their collegues / seniors etc. gets promotion on the basis of seniority. Then why such examination is for them only.And it is new rule for them etc. etc.

Earlier TET is mandatory to become teacher, now a new trend comes to make quality in Education.

I think TET concept comes after success of UGC NET concept.

Recently many organizations make common examination all over India like IBPS implemented - CWE (Common Written Examination ) for Officers and Clerks.

Almost all PSU (HPCL, NTPC, ONGC, SAIL etc.) using GATE Aptitude Examination for screening of Candidates. This examination gives equal chance to all candidates to perform on same platform.

DRDO uses SET ( Scientist Entrance Test). SET exam is designed by IITs in India.

For engineering also, a new concept is coined recently like a common examination which covers IIT and all other engineering colleges. Before this IITs conducts separate exams, CBSE conducts AIEEE and states in India conducts their separate exams. This new concept opposed by IIT Kanpur with a fact that UP Board candidates gets less marks comparing to other Boards. And after this a scaling system adopts to make equality in different Boards.

Therefore India is going slowly in new dimensions of Common Examination system for officers/employees/and other entrances.

Thursday, December 27, 2012

स्कूलों में नियुक्त होंगे 970 कम्प्यूटर शिक्षक


 

स्कूलों में नियुक्त होंगे 970 कम्प्यूटर शिक्षक


शिमला : हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग इनफॉरमेशन प्रैक्टिसज (आईपी) विषय को पढ़ाने के लिए कम्प्यूटर शिक्षकों (आईपी) के 970 पदों को भरने जा रहा है। इसके लिए विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। अगली प्रक्रिया के तहत अब प्रस्ताव को नई सरकार के समक्ष स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। हालांकि इन पदों की भर्ती मामले में नई सरकार ही अंतिम फैसला लेगी। विभाग के अनुसार इन पदों के लिए प्रदेश के सरकारी स्कूलों में निजी कंपनी के माध्यम से पहले से सेवाएं दे रहे कम्प्यूटर शिक्षक भी आवेदन कर सकते हैं। जो कम्प्यूटर शिक्षक आईपी के लिए निर्धारित योग्यता को पूरा करेंगे वे भर्ती में शामिल हो सकते हैं। जानकारी के अनुसार आईपी का पद लैक्चरार कैडर का होगा और उक्त शिक्षक जमा एक और जमा दो कक्षा को पढ़ाएंगे।

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश के 968 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में सैल्फ फाइनांस आधार पर बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही विभाग ने केंद्रीय प्रायोजित स्कीम इनफॉरमेशन एंड कम्युनिकेशन टैक्नोलॉजी (आईसीटी) को 628 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में लागू कर दिया है। इसके तहत इन स्कूलों में आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास रूम स्थापित किए हैं। दूसरे चरण के तहत विभाग ने 618 सीनियर सैकेंडरी स्कूलों और 848 हाई स्कूलों में आईसीटी प्रोजैक्ट को लागू करने का निर्णय लिया है। इसमें 5 स्मार्ट स्कूल भी शामिल हैं।

विभाग ने इसके लिए टैंडर जारी कर दिए हैं। इसको देखते हुए विभाग को इन स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए कम्प्यूटर शिक्षकों की जरूरत होगी। यही कारण है कि विभाग ने आईपी के 968 पदों को भरने का निर्णय लिया ले रहा है। वर्तमान में सीनियर सैकेंडरी स्कूलों में 1300 कम्प्यूटर शिक्षक निजी कंपनी के माध्यम से बच्चों को आईटी की शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।


आईपी के 970 पदों को भरने की योजना है। इसके लिए स्कूलों में पहले से सेवाएं दे रहे कम्प्यूटर शिक्षक भी आवेदन कर सकते हैं

News Source : punjab kesri 

Saturday, February 18, 2012

पांच हजार शिक्षकों की होगी भर्ती : वीरेंद्र

पांच हजार शिक्षकों की होगी भर्ती : वीरेंद्र

मुख्य संसदीय सचिव वीरेंद्र कंवर ने कहा कि जून माह तक प्रदेश में पांच हजार और शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। वे वीरवार को एबीवीपी के सम्मान समारोह में बतौर
मुख्यातिथि शिरकत कर रहे थे। कंवर ने गौत्तम टेक्नीकल कॉलेज में एबीवीपी की ओर से विभिन्न स्कूलों में करवाई गई स्वामी विवेकानंद सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं को यहां पुरस्कृत किया।
इन्हें किया सम्मानित
एबीवीपी के जिला संगठन मंत्री राकेश वालिया ने कहा कि प्रतियोगिता में 1800 स्टूडेंट्स ने भाग लिया था। इनमें नवीन बन्याल, नीलम कुमारी, अरुण को क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने पर व पूनम रांगड़ा, नीरज, प्रवेश कुमार, विंदू वाला, अनिका ठाकुर, रजत, सन्नी, हिमानी, शिल्पा, ज्योत्सना आजाद को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनके अलावा अनु, राकेश, रचना, मनोज, मनीषा, अनु शर्मा, विशाल, लक्ष्मी, ज्योति, अंकुश, संजीव, प्रियंका, शाहिल, अभिनव, रिंकू शर्मा, हिमानी, राजेश, मुकल डोगरा, तमन्ना, शिवानी, किरन को अच्छे अंक लेने पर पुरस्कृत किया।

Himachal Pradesh : Headmaster Recruitment complexity faces by Government

हेडमास्टरों की भर्ती में उलझी सरकार(Himachal Pradesh : Headmaster Recruitment complexity faces by Government)

हाईस्कूलों में करीब 151 हेडमास्टरों के पदों को भरने की प्रक्रिया में सरकार उलझकर रह गई है। हेडमास्टरों के यह पद पदोन्नति से भरे जाने हैं, मगर इस बारे अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है। पूर्व में हेडमास्टरों की सीधी भर्ती को लेकर उपजे विवाद को देखते हुए सरकार ने नई भर्ती करने से पहले लीगल ओपिनियन के लिए भेज दिया है। इन पदों को भरने के लिए विभागीय स्तर पर औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई है।
नए नियम भी आए आड़े
हेडमास्टरों के खाली पदों को भरने में नए नियम भी आड़े आए हैं। सरकार की ओर से हाल ही में हेडमास्टरों के पदों को भरने के लिए वर्ष, 1998 में बने नियमों को बदला है। नए नियमों में सीधी भर्ती से हेडमास्टरों के पद नहीं भरे जाएंगे।

News : Bhaskar (17.2.12)